Wednesday, 7 March 2018

श्रीलंका में मुस्लिम-बौद्धों के बीच हिंसक झडप के बाद आपातकाल लगा





कोलंबो : श्रीलंका की सरकार ने देश में १० दिन के आपातकाल की घोषणा की है । इसके पीछे मुस्लिम और बौद्ध समुदाय के बीच फैल रहे तनाव को वजह बताया गया है । मंगलवार को एक सरकारी अधिकारी ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि, देश में बौद्ध-मुस्लिम समुदाय के बीच बढ रहे तनाव के कारण से ऐसा किया जा रहा है । प्रवक्ता दयासिरि जयशेखरा ने रॉयटर्स को बताया, ‘एक विशेष कैबिनेट मीटिंग में १० दिन के लिए आपातकाल घोषित करने का निर्णय लिया गया है ताकि सांप्रदायिक दंगों को देश के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोका जा सके ।’ उन्होंने यह भी बताया, ‘ऐसे लोगों के विरोध में भी सक्त कार्यवाही करने का निर्णय लिया है जो फेसबुक के जरिए हिंसा को बढावा दे रहे हैं ।’
पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका में दो समुदायों के बीच तनाव चल रहा है । बौद्ध लोगों द्वारा मुस्लिमों पर आरोप लगाया जाता रहा है कि, वे लोगों का धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं और बौद्ध पुरातात्विक स्थलों को तोड रहे हैं । बौद्ध श्रीलंका में शरण ले रहे रोहिंग्याओं के भी विरोध में हैं । आपातकाल लगाने का निर्णय कैबिनेट की विशेष मीटिंग में लिया गया है । यह भी तय किया गया है कि, जो लोग भी हिंसा करेंगे उनके विरोध में सख्त कार्यवाही की जाएगी ।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

Sunday, 4 March 2018

उत्तर प्रदेश : होली खेलते समय रंग गिरनेपर धर्मांधो ने जुलूस पर किया ईंट और पत्थरोंसे आक्रमण

March 4, 2018

हिन्दुआें, कोर्इ धर्मांध तुम्हे हाथ न लगा सकें, एेसी स्वयं की छवी निर्माण करें ! 


गोंडा : होली के मौके पर उत्तर प्रदेश के गोंडा में दो समुदायों के बीच हिंसक झडप हो गई, जिसमें कई लोग बुरी तरह घायल हो गए । इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चले । होली के खेलते समय में कुछ रंग समुदाय विशेष के लोगोंपर गिर गया, जिसके बाद हंगामा मच गया । झगडे में दर्जनों लोगों को चोटें आईं । उसकें बाद प्रशासन ने पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया ।
यह घटना गोंडा के कौडिया थाना के अंतर्गत रामापुर गांव की है, जहां तनाव के बाद पुलिस की टीमें तैनात की गई । पुलिस के अनुसार, कौडिया थाना के अंतर्गत रामापुर गांव में शुक्रवार सुबह लगभग ११ बजे होली खेलने की टीम अपनी बस्ती में नाचते-गाते घूम रहे थे । उसी रास्ते से अपने घर जा रहे गांव के दूसरे समुदाय के युवकों पर बच्चों ने रंग डाल दिया, जिस पर लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए यह बात घर जाकर बताई ।
जुलूस गांव में आगे बढी तो एक धार्मिक स्थल पर दूसरे समुदाय के लोगों ने ईंट और पत्थर होली के जूलूस पर बरसाए । इसमें रामबरन, धर्मराज और पवन कुमार सहित करीब 12 लोगों के सिर में चोट लगी । इस मारपीट की खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग मौके पर जमा होने लगे । इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई । पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत किया, घायलों को अस्पताल में ले जाया गया ।
बवाल के बाद पुलिस ने हंगामा करने वाले १२ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है ।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स